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Sun, Jul

Bulbbul Review: दर्द, दहशत, खूनी खेल के बीच महिला सशक्त‍िकरण का संदेश देती है बुलबुल

जंगल में रहने वाली, पेड़ों से उल्टा लटकने वाली, खून की प्यासी चुड़ैल है बुलबुल. अगर आप ये सोच रहे हैं तो आप गलत हैं. 24 जून को अनुष्का शर्मा प्रोड्क्शन हाउस 'क्लीन स्लेट' के बैनर तले 'बुलबुल' नेटफ्ल‍िक्स फिल्म रिलीज हो गई.

सिनेमिर्ची : Aarya Review : गलत और कम गलत के बीच आर्या

क्राइम ड्रामा वेब सीरिज़ आर्या डच ड्रामा सीरिज पेनोज़ा पर आधारित है। इसे पहले काजोल करने वाली थी, लेकिन उनके मना करने के बाद सुष्मिता सेन को इसमें लिया गया।

लव आज कल : फिल्म समीक्षा

इम्तियाज़ अली को हमेशा रोमांटिक फिल्में बनाना पसंद रहा है और लव आज कल लेकर फिर वे हाजिर हैं। इसी नाम की उन्होंने पहले भी फिल्म बनाई थी जिसमें समय के दो अलग-अलग दौर में होने वाले प्यार और तरीके को लेकर उन्होंने तुलना की थी।

एक्शन सीन्स पर पानी की तरह बहाया पैसा, साहो से निराश होंगे प्रभास के डाई हार्ट फैन

मेकर्स ने साहो पर पानी की तरह पैसा बहाया. एक्शन और स्टंट सीन्स को हॉलीवुड लेवल का बनाने के लिए इंटरनेशनल एक्शन डायरेक्टर और उनकी टीम को बुलाया गया. प्रोजेक्ट को ग्रैंड बनाने के लिए बॉलीवुड एक्टर्स की लंबी चौड़ी फौज को जोड़ा. मगर. आखिर में फिल्म देखकर जो हाथ लगा...वो है निराशा.

गुलाबो सिताबो : फिल्म समीक्षा

शूजीत सरकार की फिल्म 'गुलाबो सिताबो' का टाइटल उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय कठपुलती शो से लिया गया है क्योंकि कहानी इस बड़े राज्य की राजधानी लखनऊ में सेट है। यह लखनऊ पुराना किस्म का है जहां पर फातिमा महल नामक एक जर्जर हवेली है।

छिछोरे : फिल्म समीक्षा

कॉलेज लाइफ पर बनी हुई फिल्में अधिकतर सफल रहती हैं क्योंकि यह जीवन का सुनहरा दौर माना जाता है। जो उससे गुजर चुके हैं उन्हें अपने पुराने दिन याद आ जाते हैं और जो गुजर रहे हैं वो अपने वर्तमान को स्क्रीन पर देख खुश होते हैं।

मिशन मंगल: फिल्म समीक्षा

मिशन मंगल की पहली स्लाइड ही थोड़ा डरा देती है जिसमें लिखा है यह फिल्म मंगल मिशन अभियान पर आधारित है, लेकिन मनोरंजन के लिए कल्पना का सहारा लिया गया है। अब यह मनोरंजन की आड़ में पतली गली कब हाईवे बन जाए कहा नहीं जा सकता।

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