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Malaal Review: मिजान-शर्मिन की एक्टिंग ठीक,लेकिन घिसी-पिटी है कहानी

फिल्म में बैकग्राउंड स्कोर और गाने अच्छे हैं. हर सॉन्ग में मराठी टच दिया गया है यानी गाने में थोड़े बहुत मराठी शब्दों का उपयोग किया गया है. डायरेक्टर मंगेश हडवले फिल्म में मराठी महौल बनाने में कामयाब हुए हैं.

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90 के दशक की प्रेम कहानी को पेश करती है मलाल. लड़का गरीब और कम पढ़ा लिखा है वहीं लड़की बड़े घराने की है, एजुकेटेड है. प्यार की बातें कागजों पर लिखकर की लिखकर की जा रही है क्योंकि उस समय में मोबाइल और वॉट्सएप का बहुत चलन नहीं था.
इस तरह की स्टोरी पर बॉलीवुड में कई फिल्में बन चुकी हैं. ऐसी ही कहानी को निर्देशन मंगेश हडवले ने मलाल के माध्यम से दर्शकों एक के सामने एक बार फिर परोसने की नाकाम कोशिश की है. फिल्म के फर्स्ट हाफ को झेला जा सकता है लेकिन सेकेंड हाफ बहुत बोर कर देता है. संजय लीला भंसाली की इस फिल्म से उनकी भांजी शर्मिल सहगल और जावेद जाफरी के बेटे ने डेब्यू किया है.

कैसी ही कहानी


एक चॉल में शिवा (मिजान जाफरी ) नाम का लड़का रहता है. शिवा को फिल्म में मवाली-टपोरी की तरह दिखाया गया है. उसका ध्यान पढ़ाई-लिखाई में नहीं है सिर्फ शराब पीता है और अवारागर्दी करता है. उसके पड़ोस में आस्था (शर्मिन सहगल) अपने परिवार के साथ रहने आती है. दरअसल, आस्था के पिता को स्टॉक बिजनेस में लॉस हो जाता है जिसकी वजह से वह चॉल में रहने आ जाते हैं. शर्मिन पढ़ी-लिखी हैं और सीए की तैयारी कर रही हैं. शुरुआत में दोनों की खूब नोंकझोंक होती है जिसकी वजह मराठियों में उत्तर भारतीय लोगों को लेकर नकारात्मक नजरिया है. इस वजह से शिवा को यह पसंद नहीं आता कि आस्था का परिवार उनके पड़ोस में रहने के लिए आया है.

शिवा और आस्था के बीच छोटी-मोटी लड़ाई प्यार में बदल जाती है. दोनों का रहन-सहन, परविरश सब कुछ अलग है. फिर वहीं घिसी-पिटी कहानी आगे बढ़ती है कि लड़की, लड़के को सुधारने और अच्छा इंसान बनाने में जुट जाती है. फिल्म में दोनों का आगे क्या होता है ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.



एक्टिंग


मिजान मराठी लड़के के किरदार में खूब जमे हैं. उनका बोलने का लहजा, हावभाव और बॉडी लैंग्वेज सब कुछ परफेक्ट है. शर्मिन की बात करें तो वह क्यूट और मासूम लगी हैं. वह परदे पर अपनी प्रजेंस देने में कामयाब रही हैं. दोनों स्टार एक्टिंग, डांस और रोमांस में अव्वल रहे हैं. इसके अलावा फिल्म में कई मराठी एक्टर्स ने अच्छा काम किया है.

फिल्म में बैकग्राउंड स्कोर और गाने अच्छे हैं. हर सॉन्ग में मराठी टच दिया गया है यानी गाने में थोड़े बहुत मराठी शब्दों का उपयोग किया गया है. डायरेक्टर मंगेश हडवले फिल्म में मराठी महौल बनाने में कामयाब हुए हैं. उन्होंने बारीकियों का खास ध्यान रखा है.

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