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Wed, Sep

Movie Review: साफ-सुथरी कॉमेडी के साथ खूब हंसाती है Happy Phirr Bhag Jayegi

सिनेमिर्ची :'हैप्पी फिर भाग जाएगी' एक हल्की फुल्की इंटरटेनिंग फिल्म है जो आपको हंसाती है, गुदगुदाती है. ये 2016 की हिट फिल्म 'हैप्पी भाग जाएगी' का सीक्वल है जिसमें डायना पेंटी, जिम्मी शेरगिल, अभय देओल और अली फजल लीड रोल में थे.अब सीक्वल से अभय देओल बाहर हैं और सोनाक्षी सिन्हा, जस्सी गिल की एंट्री हुई है. इस फिल्म की सबसे खूबसूरत बात यही है कि अगर आपने पिछली फिल्म नहीं भी देखी है तो भी इसकी कमी आपको नहीं खलेगी. फिल्म कहीं भटकती नहीं है और सभी एक्टर्स को बराबर मौक भी दिया गया है जो कहीं चूकते नहीं हैं.

गोल्ड : फिल्म समीक्षा

1948 में लंदन में हुए ओलिंपिक में स्वतंत्र भारत ने हॉकी में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन ये कल्पना है कि एक बंगाली बाबू तपन (अक्षय कुमार) ने यह सपना देखा था और टीम बनाने में अहम योगदान दिया था।

धड़क : फिल्म समीक्षा

मराठी में बनी सुपरहिट फिल्म 'सैराट' का हिंदी रीमेक 'धड़क' नाम से बनाया गया है। जिन्होंने 'सैराट' देखी है उन्हें तो 'धड़क' निराश करती ही है और जिन्होंने नहीं भी देखी है उन्हें भी 'धड़क' प्रभावित नहीं कर पाती। धड़क के निर्देशक शशांक खेतान रीमेक में मूल फिल्म की आत्मा नहीं डाल पाए और न ही अपनी ओर से कुछ दे पाए, जिसका सीधा असर फिल्म पर पड़ा है।

रेस 3 : फिल्म समीक्षा

रेमो डिसूजा का नाम जब 'रेस 3' के डायरेक्टर के रूप में घोषित हुआ था तभी कई लोगों ने चिंता जाहिर कर दी थी। एबीसीडी तक तो ठीक है, लेकिन क्या वे रेस जैसी बड़े बजट और सलमान खान जैसे सुपरसितारे की फिल्म को ठीक से हैंडल कर पाएंगे? यह प्रश्न उठा था। 'रेस 3' देखने के बाद लगता है कि यह चिंता जायज थी। यदि रेस 3 अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती है तो रेमो अकेले ही जिम्मेदार नहीं हैं। शिराज अहमद ढंग की कहानी नहीं लिख पाए, एक्टर्स और एक्टिंग में छत्तीस का आंकड़ा रहा और करोड़ों रुपये लगाने वाले निर्माता ने भी नहीं देखा कि पैसे का क्या हो रहा है।

साहेब बीवी और गैंगस्टर 3 : फिल्म समीक्षा

तिग्मांशु धुलिया के नाम के आगे जहां हासिल, साहेब बीवी और गैंगस्टर और पान सिंह तोमर जैसी उम्दा फिल्में दर्ज हैं तो दूसरी ओर इसी निर्देशक ने बुलेट राजा, राग देश और शागिर्द जैसी कमजोर फिल्में भी दी हैं। यानी तिग्मांशु धुलिया अभी भी विश्वसनीयता नहीं बना पाए। साहेब बीवी और गैंगस्टर सीरिज की फिल्में उन्होंने देखने लायक बनाई थीं। हालांकि पहले पार्ट की तुलना में दूसरा पार्ट थोड़ा कमजोर था, फिर भी तीसरे पार्ट से उम्मीद थी क्योंकि यह तिग्मांशु का चिर-परिचित मैदान था, लेकिन इस बार तिग्मांशु ने बुरी तरह निराश किया।

Sanju Movie Review: बेहतरीन फिल्म, याद की जाएगी एक्टर्स की परफॉर्मेंस

सिनेमिर्ची : इस बार राजकुमार हिरानी ने अपने राइटर दोस्त अभिजात जोशी के साथ मिलकर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता संजय दत्त के जीवन पर आधारित फिल्म संजू लिखी और उसे डायरेक्ट किया. फिल्म बनाने के प्रोसेस में राजकुमार हिरानी काफी वक्त लेते हैं लेकिन उनका आखिरी प्रोडक्ट काफी कमाल का होता है. रणबीर कपूर को संजय दत्त के रूप में लेने से लेकर फिल्म की रिलीज डेट तक बहुत सारे उतार-चढ़ाव और बातें कही गई हैं. क्या यह फिल्म उन मानकों पर खरी उतरती है और एक अच्छा मनोरंजन दे पाने में सफल है? आखिर कैसी बनी है संजू? इस फिल्म कि आइए समीक्षा करते हैं...

वीरे दी वेडिंग : फिल्म समीक्षा

बॉलीवुड में लड़कियों की दोस्ती और उनकी मौज-मस्ती पर बहुत कम फिल्में बनी हैं और 'वीरे दी वेडिंग' इस कमी को पूरा करती है। इस फिल्म की चार लड़कियां बिंदास लाइफ जीती हैं और रूढ़िवादी विचारों के खिलाफ उनके बगावती तेवर हैं। कालिंदी पुरी (करीना कपूर), अवनि शर्मा (सोनम कपूर), साक्षी सोनी (स्वरा भास्कर) और मीरा सूद (शिखा तलसानिया) की दोस्ती बचपन से है। जवां होने के बाद सबकी अलग-अलग कहानियां है। अवनि एक वकील है और उसकी मां उसके लिए लड़का ढूंढ रही है। लड़कों को लेकर उसकी अपनी पसंद है।

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